2000 का नोट बना सरकार के गले की फांस, आखिर कितना कैशलेस हुआ भारत? / Madhya_Pradesh

2000 का नोट बना सरकार के गले की फांस, आखिर कितना कैशलेस हुआ भारत?

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          भोपाल। नोटबंदी के बाद कैश के चलन को कम करने के चलते केन्द्र में बैठी भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने 500 और 2000 रूपये के नये नोट जनता के बीच जारी कर दिये। मोदी सरकार का मानना था कि इससे भ्रष्टाचार और आतंकवाद में कमी आयेगी या पूरी तरह खत्म हो जायेगा। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। 2000 रूपये का यह नया नोट काली कमाई को संचय करने में सरलता ला रहा है। केन्द्र सरकार का कैशलेस का सपना भी अधुरा रह गया है। देश की जनता का 95 प्रतिशत अब केश में लेन देन कर रहा है। वहीं विपक्ष नोटबंदी पर आज काला दिवस मना रहा है। 
          नोटबंदी के बाद देश में तमाम जगहों पर मारे गये छापों में सामने आया है कि कालाधन संचय में नये नोटों को उपयोग किया गया था। बात कर मध्यप्रदेश की यहा देवास जिलेें में पदस्थ एक महिला अधिकारी के घर पर जब छापे पड़ा तो उनके घर से भी कैश में नये नोट वरामद किये गए। ऐसा कई जगहों पर हुआ है। देश में नोटबंदी के बाद आतंकवाद और अतंकियों की संख्या में लगातार इजाफा देखा गया हैं। केन्द्र सरकार के कई मंत्री आज देश में नोटबंदी को सही फैसला अपने आकड़ों से बताने का प्रयास करेगें। देश में पिछले एक साल से विकास की गति में कमी आई है। नये निवेश में कमी आई है। बेरोजगारी अब तक के सबसे बडे़ आकडे़ को छू रही है। महंगाई पर काई बात ही नहीं कर रहा। आलम यह है कि सीमा पर सेनिक, प्रदेश के अस्पताल में बच्चें और राज्यों में किसानों की मौत देश में नये रिकार्ड बना रहे है। इसके साथ ही पार्टी के वरिष्ठ नेता के बेटे की कंपनी में तीन साल के अंदर हुए इजाफे पर भी सवाल उठे है।         
 देश की भोली भाली जनता को नोटबंदी का यह फैसला सही लगा। बीजेपी को फिर जनसमर्थन मिला। जनता ने इसे हाथों हाथ लिया ‘ाुरूआती महिनों में भारत की जनता ने कैशलेस होने के प्रमाण भी दियें। इसके बाद साइबर क्राईम ने अपना रूप दिखाना ‘ाुरू कर दिया अब देश में सिर्फ 5 प्रतिशत लोग ही इसका उपयोग कर रहे है। 95 प्रतिशत पब्लिक कैश को पसंद कर रही है।
      अब केन्द्र सरकार के फैसलों पर सवाल उठने लगे है। मोदी सरकार के फैसलों पर उनकी मंशा पर जनता संदेह कर रही है।
                 इसके बाद केन्द्र सरकार के फैसलों पर सवाल उठना तो लाज़मी है।  

/ Madhya_Pradesh      Nov 08 ,2017 05:09