“शक्कर के पांच दाने” का हुआ मंचन / Madhya_Pradesh

“शक्कर के पांच दाने” का हुआ मंचन

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भोपाल।मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में रंगप्रयोगों के प्रदर्शन की साप्ताहिक श्रृंखला अभिनयन के अंर्तगत 03 नवम्बर 2017  को मानव कौल द्वारा लिखित नाटकशक्कर के पांच दाने का मंचन डॉ. प्रदीप वर्मा के निर्देशन मेंएडमायर थियेटर ग्रुप भोपाल के कलाकारों द्वारा संग्रहालय सभागार में हुआ।

 

 यह एक एक्सपेरिमेंनटल नाटक है, जिसमें एक चरित्र को दो अभिनेताओं ने मंच पर बखूबी निभाया। शक्कर के पांच दाने नाटक की कहानी साधारण मध्यमवर्गीय परिवार के महत्वकांक्षी व्यक्ति का दर्द बयां करती नजर आती है| अभिनेता मंच पर चीटियों के साथ खेलते हुए, उनसे बातें करते हुए, अपने चरित्र बदलते हुए दर्शकों को कहानी सुनाता है।

 

ये कहानी समाज के हर उस व्यक्ति की कहानी है जिसे जीवन को लेकर ना बहुत चाहत है, ना कोई महतत्वकांक्षा। वो बस जीवन को एक धुरी पर धीरे-धीरे बिता रहे हैं, लेकिन कहीं ना कहीं एक टीस मन मे रह जाती है, अपनी दबी हुई इच्छाओं को पूरा करने की। जब तक व्यक्ति अपने मन की बात को समझ पाता है, उसे एहसास होता है,कि वो समाज के रचे चक्रव्यूह में बुरी तरह उलझा हुआ है और उसका मन वहां से बाहर निकलने के लिये छटपटाने लगता है। वो अपने विचारों के अंतर्द्वंद्व में उलझ जाता है। वो समाज से लड़ने की कोशिश करता है और हमेशा  की तरह समाज जीत जाता है और सपने हार जाते हैं|

 

 नाटक में मंच पर प्रदीप वर्मा और कपिल पाटिल ने अभिनय किया। मंच से परे संगीत सामंजस्य में शुभ्रा गुहा , प्रकाश परिकल्पना में  शरद बघेला ने, वेशभूषा में रवि उपप्ल ने और मंच व्यवस्था में राजकुमार अग्रवाल ने सहयोग दिया | नाटक शक्कर के पांच दाने एक मोनोलॉग (एकालाप)है| नाटक का सेट सामान्य  रखा गया। बेहतर लाइट्स प्रयोग के साथ कहीं-कहीं बैकग्राउंड म्यूजिक का इस्तेमाल किया गया है।

 

मानव कौल के लिखे नाटक निर्देशक की पहली पसंद है क्योंकि मानव साधारण पृष्ठभूमि के युवा लेखक हैं।उनके लिखने की अलग शैली है| वो बडी ख़ूबसूरती के साथ सामान्य लोगों की समस्याओं को दर्शकों के सामने रखते हैं। डॉ. प्रदीप वर्मा, अब तक मानव कौल के लिखे चार नाटकों का  निर्देशन कर चुके हैं।  2004 में मानव कौल के निर्देशन में इस  नाटक का पहला मंचन  पृथ्वी थियेटर में हुआ, जिसमें  नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा की कुमुद मिश्रा ने अभिनय किया था |नाटक के लेखक मानव कौल थियेटर कलाकार, निर्देशक,अभिनेता और फिल्मकार हैं। मानव कौल जय गंगाजल,वजीर,काय पो

/ Madhya_Pradesh      Nov 03 ,2017 16:41