मच्छर मक्खी करने के लिए नहीं लाया गया आडीएक्स- टाडा कोर्ट की कड़ी टिप्पणी / delhi

मच्छर मक्खी करने के लिए नहीं लाया गया आडीएक्स- टाडा कोर्ट की कड़ी टिप्पणी

मुबई। विशेष टाडा कोर्ट ने गुरूवार को 1993 विस्फोट कांड के दोषियों को सजा तो सुनाई हीख् साथ ही साथ कड़ी टिप्पणी भी की। टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा कि आरडीएक्स का इस्तेमाल मच्छर और मक्खी मारनेवाले पाडडर के तौर पर नहीं हो सकता हैं। ऐसेी टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा कि आरोपी को अपराध की जानकारी थी। यह स्वीकार नहीं किया जा सकता है कि मुंबई के स्कूलों में एके-56 रायफल खिलौनों की तरह बांटे जा रहे थें।
बता दें कि विशेष टाडा कोर्ट ने गुरूवार को अबु सालेम सहित पांच दोषियों की सजा सुनाई। इसमें से ताहिर मर्जेट और फिरोज खान को फांसी, अबु सालेम ओर करीमुल्ला शेख को आजीवन कारावास और रियास सिद्दीकी को 10 साल की सजा मिली है। इस सजा को सुनते ही पांच में से तीन अपराधी कोर्ट में ही कांपने लगे थे। विशेष टाडा कोर्ट के न्यायाधीस जी0ए0 सानप ने अपने फैसले में यह बात भी कही है कि आरडीएक्स का इस्तेमाल मच्छर और मक्खी मारने के लिए नहीं किया जा सकता ओर यह भी नहीं माना जा सकता कि मुंबई के स्कूलों में एके-56 खिलौनों के रूप में बांटे जा रहे थे। आरोपियों को अपराध का पूरी तरह से ज्ञन था। अपने 2100 पननों के फैसले में अदालत ने कहा है कि यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि “ाडयंत्रकारियों ने अपराध सफल होने पर खुशियां मनाई थीं और अब नतीजे भुगतने का समय आ गया है।

/ delhi      Sep 09 ,2017 08:07