आबकारी में फर्ज़ी चालान कांड,  भैंसों को बचाने में पाड़ों की बलि / Madhya_Pradesh

आबकारी में फर्ज़ी चालान कांड, भैंसों को बचाने में पाड़ों की बलि

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विजय नेमा,/ केवल कृष्ण त्रिपाठी,

 भोपाल। इंदौर आबकारी विभाग में हुए फर्ज़ी चालान मामले में आला अफसरान से लेकर समूची सरकार बैकफुट पर भले ही आ गई हो, किंतु फिर भी वास्ताविक दोषियों को खुलेआम बचाया गया और छोटे स्तर के अधिकारियों को बलि का बकरा बनाया गया। सबसे खास बात यह है कि अफसरान की मदद से इस फर्ज़ीवाड़े के सूत्रधार शराब ठेकेदार को सत्ता पक्ष ने खुलेआम संरक्षण दिया। इंदौर की राजनीति में चर्चित ‘ताई’ और ‘भाई’ भी इस लड़ाई में शामिल बताए जाते हैं। इनमें से एक को शह तो दूसरे को मात का सामना करना पड़ा। 

गौरतलब है कि आबकारी विभाग ने आठ अगस्त को फर्ज़ी चालान का मामला पकड़ा था। इसके बाद कलेक्टर निशांत बरवडे़ ने विभाग के छह अफसर कर्मचारियों को नोटिस जारी किया। विभाग ने रावजी बाज़ार थाने में शराब ठेकेदार समेत 14 लोगों पर धोखाधड़ी  का केस दर्ज कराया। विभागीय जांच में पाया गया कि बीते तीन सालों मे 41 करोड़ से अधिक का फर्ज़ीवाड़ा किया गया। आयुक्त द्वारा की गई जांच में स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत पाई गई। इसमें सहायक आबकारी आयुक्त संजीव दुबे सहित छह अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। जबकि उपायुक्त विनोद रघुवंशी का सिर्फ स्थानांतरण किया गया। इस मामले में विभागीय मंत्री जयंत  मलैया ने निर्देश दिए कि शराब ठेकेदारों से हेराफेरी की राशि वसूलें। अगर ठेकेदार पैसा जमा नहीं करते हैं तो उनकी संपत्ति कुर्क कर ली जाए। 

      इस समूचे प्रकरण मेंं सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि इस फर्ज़ी चालान मामले में उपायुक्त को भी जिम्मेदार माना जाना चाहिएं। यदि वे जिम्मेदार नहीं है तो उन्हें हटाया क्यों गया? उनके साथ शराब ठेकेदारों को बचाने से भी यह जाहिर होता है कि उच्च स्तर पर मुख्य आरोपियों को बचाया जा रहा है। यह भी गौरतलब है कि अब तक एक भी शराब ठेकेदार का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। सरकार को इन ठेकेदारों के नाम भी सार्वजनिक करना चाहिए। यह तो इंदौर के जागरूक लोगों के परिश्रम का परिणाम था कि यह मामला उजागर हुआ वर्ना ऐसे घपले प्रदेश में अन्य जगह होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सरकार में बैठे लोग भी जानते हैं कि ऐसा फर्ज़ीवाड़ा होता आ रहा हैं मगर सब खामोश रहते हैं। मामला उजागर हुआ तो कार्यवाही वर्ना चुप्पी भली। 

/ Madhya_Pradesh      Sep 06 ,2017 11:29