SC ने दी 25 सप्ताह के भ्रूण को गिराने की अनुमति delhi / delhi

SC ने दी 25 सप्ताह के भ्रूण को गिराने की अनुमति

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने 25 सप्ताह के भ्रूण को गिराने की अनुमति दे दी है। पुणे के अस्पताल ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि 22 वर्षीय महिला के गर्भ में पल रहे भ्रूण का खोपड़ी व दिमाग क्षतिग्रस्त है।

अगर बच्चा इस दुनिया में आता है तो मां के लिए भी खतरा पैदा हो जाएगा। जस्टिस एसए बाब्दे व जस्टिस एलएन राव की पीठ ने भ्रूण को गिराने पर सहमति दे दी। महिला पुणे की रहने वाली है। उसने अदालत में याचिका दाखिल करके भ्रूण को गिराने की अनुमति मांगी थी। उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने पुणे के अस्पताल से कहा था कि वह मेडिकल जांच के बाद रिपोर्ट उन्हें सौंपे।

अस्पताल प्रबंधन ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि भ्रूण को गिराना ही उचित रहेगा। केंद्र की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने पीठ को बताया कि सरकार ने सभी राज्यों को इस आशय के निर्देश जारी कर दिए हैं कि इस तरह के मामलों का निपटारा जल्द करें। इसके लिए बोर्ड गठित हो। एक अन्य मामले में 13 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता ने 30 सप्ताह के गर्भ को गिराने की अनुमति मांगी थी।

अदालत ने मुंबई के जेजे अस्पताल के चिकित्सकों का बोर्ड गठित करके उसकी जांच करने को कहा था। रिपोर्ट आने पर ही मामले में फैसला होगा। अस्पताल प्रबंधन की तरफ से पीठ को बताया गया कि मुंबई की बारिश की वजह से अभी जांच पूरी नहीं हुई है। इसकी सुनवाई चार सितंबर को होगी।

delhi / delhi      Aug 31 ,2017 17:22