संकटमोचन संकट में 	bhopal / Madhya_Pradesh

संकटमोचन संकट में

विजय नेमा, भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विधानसभा एवं विधानसभा के बाहर होने वाले हमलों में संकटमोचन की भूमिका निभाने वाले जनसम्पर्क एवं संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा खुद संकट में नजर आ रहें है। विधानसभा में विपक्ष के सदस्यों को साधने में इन्होंने बड़ी भूमिका निभाकर मुख्यमंत्री का दिल जीत लिया था। किसी ने भी यह नहीं सोचा था कि नरोत्तम मिश्रा इस तरह पैंड न्यूज के मामले में अपनी सदस्यता खो देगें। ज्ञात हो कि तेरहवी विधानसभा में चौधरी राकेश सिंह एवं डॉ कल्पना परूलेकर ने आसंदी का अपमान का आरोप झेलते हुए विधानसभा की सदस्यता गवा दी थी और निर्वाचन आयोग ने इनके निर्वाचन को शुन्य घोषित कर सीट रिक्त कर दी थी। अब मामला भाजपा सरकार का है। जो आज केन्द्र में भी है और राज्य में भी। जिसके लिए सुप्रिम कोर्ट में विशेष सुनवाई के लिए आज अपील की जा सकती है। फैसला अगर टला तो नरोत्तम का भाग्य अघर में लटका मिलेगा। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नरोत्त मिश्रा के विभाग जनसम्पर्क मंत्री राजेन्द्र शुक्ला, एवं जलसंसाधन विभाग को जयंत मलैया को प्रभार दिया है। इससे यह स्थिति स्पष्ट हो रही है। कि नरोत्तम मिश्रा से मुख्यमंत्री शिवराज का मोह भंग हो गया है। जानकारों का कहना है कि केन्द्रीय नेतृत्व के दबाव में आकर नरोत्तम मिश्रा के विभागों को अन्य मंत्रियों को दे दिया है। मिश्रा 17 जुलाई को होने वाले राष्टपति चुनाव में अपने मतदान नहीं कर सकते।
bhopal / Madhya_Pradesh      Jul 16 ,2017 12:57