पथरिया मंडी में व्यापारी तंत्र सक्रिय, किसानों के साथ हो रही खुली लूट Damoh / Madhya_Pradesh

पथरिया मंडी में व्यापारी तंत्र सक्रिय, किसानों के साथ हो रही खुली लूट

पथरिया- कृषि उपज मंडी में चल रही खरीदी में व्यपारियो की मनमानी के चलते किसानों के साथ पैसो की खुली लूट की जा रही है फसल बेचने आये किसानों के साथ व्यापारियों द्वारा नकद खरीदी पर 1.5 से 2 प्रतिशत मुद्दत (कमीशन) बसूली जा रही है जिससे किसानों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है जबकि प्राप्त जानकारी के अनुसार यदि किसान किसी व्यापारी को फसल बेचता है तो व्यापारी द्वारा किसान को 50% भुगतान नकद करना बगैर किसी मुद्दत बसूली के एवं 50% राशि का भुगतान चेक़ द्वारा किया जाता है लेकिन व्यापारियों की मनमानी के चलते सारे नियम कानून को ठेंगा दिखाया जा रहा है एवं किसानों को परेशान किया जा रहा है। खेजरा निवासी बलराम पटेल, भारत रजक, राकेश पटेल, राजेश कुशवाहा ने बताया कि वे शुक्रवार की सुबह करीब 10 बजे 70 कट्टी सोयाबीन लेकर मंडी आया था जहां पर व्यापारियों की मनमानी एवं मंडी कर्मियों की किसानों के प्रति बेरुखी के चलते उनकी फसल की तुलाई रात 1 बजे हो पाई थी एवं तुलाई के बाद वापिस घर चले गए थे सुबह फिर आये तो नकद भुगतान में आना कानि करने लगे एवं 2% मुद्दत देने पर ही नकद भुगतान करने को कहा नही यो चेक़ थमाया जा रहा था पीड़ित किसान ने बताया कि घर के सदस्यों की तबियत खराब होने के कारण फसल बेचने आया था जिससे अपने बच्चों की दवाई करा सके लेकिन व्यापारियों द्वारा चेक़ दिया जा रहा था जिस पर किसी भी प्रकार की मुद्दत का कमीशन नही देना था लेकिन मुझे नकद पेसो की जरूरत थी इसलिए मैंने दलाली देने के लिए हाँ बोल दिया। बकेनी के एक किसान ने बताया कि व्यापारियों द्वारा तुलाई के समय बारदाने का वजन 500 ग्राम की जगह 700 ग्राम काटा जा रहा है किसान बलराम पटेल ने मंडी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सरकार तो किसान का साथ देने के लिए बाध्य लेकिन मंडी कर्मचारियों व्यापारियों द्वारा शासन प्रशासन को ठेंगा दिखाया जा रहा है किसानों ने व्यापारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि व्यापारियों द्वारा किसान को भुगतान के लिए जो चेक दिया जाता है उसमें भी व्यापारी अपनी मनमानी करते है अर्थात चैक भी उस ब्रांच का देते हैं जिसमे किसान का खाता न होता अगर आपका खाता स्टेट बैंक में है तो किसान को स्टेट बैंक छोड़ अन्य बैंक का चेक थमाया जाएगा और यदि यूनियन बैंक का खाता है तो यूनियन छोड़ अन्य सभी बैंकों के चेक काट कर किसानों को थमाया जा रहा हा ताकि किसान परेशान रहे एवं तुरंत भुगतान न हो पाए.. और व्यापारियों से नगद पैसे लें और जिससे किसानों से कमीशन लिया जा सके।
Damoh / Madhya_Pradesh      Jul 15 ,2017 12:25