कथक एवं संतूर-बाँसुरी की जुगलबंदी से उत्तराधिकार गुलजार bhopal / Madhya_Pradesh

कथक एवं संतूर-बाँसुरी की जुगलबंदी से उत्तराधिकार गुलजार

लॉयन न्यूज / lion news

भोपाल। संस्कृति संचालनालय द्वारा कलाओं में परम्परा, नवप्रयोगों एवं नवांकुरों के लिए स्थापित ‘‘उत्तराधिकार’’ श्रृंखला का आयोजन संग्रहालय के सभागार में सायं 7:00 बजे से किया गया। उत्तराधिकार के अन्तर्गत कथक नृत्य के अलावा प्रतिभाशाली युवा कलाकारों की जुगलबंदी भी संयोजित की गई है। इसके अंतर्गत आरम्भ में उज्जैन की युवा कलाकार तरूणा सिंह का कथक नृत्य आयोजित हुआ। तरूणा सिंह ने प्रारंभ में गणेश वंदना के साथ कथक नृत्य प्रस्तुत किया। इसके पश्चात समूह में विलंबित लय, मध्य लय एवं द्रुत लय में कथक नृत्य की प्रस्तुति दी। तरूणा सिंह के साथ सुश्री माधुरी कोड़पे, पूजा कोड़पे, मोनिका यादव, उवर्शी खत्री एवं शुभम सिकरवार ने कथक नृत्य प्रस्तुत किया।

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कथक नृत्य के पश्चात् मध्यप्रदेश मूल के दो प्रतिभाशाली कलाकार जो कि वर्तमान में मुम्बई में रह रहे हैं, भोपाल के संतूर वादक सत्येन्द्र सिंह सोलंकी और इन्दौर के बाँसुरी वादक तेजस विंचूरकर की जुगलबंदी आयोजित हुई। दोनों ही कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति का आगाज राग बागेश्वरी में अलाप जोड़ झाला के साथ की। इसके बाद मध्य लयगत एवं द्रुत तीन ताल में रूपक ताल में निबध प्रस्तुत किया। अन्त में राग मिश्र पहाड़ी में एक धुन की प्रस्तुति दी। तबले पर संगत दी भोपाल के युवा तबला वादक, रामेन्द्र सोलंकी ने।

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दोनों ही कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। वर्तमान में दोनों ही कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से एक नई ऊँचाई प्राप्त की है। सत्येन्द्र सिंह सोलंकी ने सन्तूर की बारीकियां और माधुर्य पंडित ओमप्रकाश चैरसिया से प्राप्त किया है, वहीं तेजस विंचूरकर ने अपने पिता प्रदीप विंचूरकर, पंडित रवि गरूड़ एवं अभय फगरे तथा पंडित रोमू मजूमदार से क्रमशः बांसुरी का परिष्कार प्राप्त किया। तेजस अपनी प्रस्तुतियों के साथ-साथ बाजीराव मस्तानी, मेरी कॉम, एम.एस. धोनी आदि फिल्मों के लिए भी गानों में बांसुरी से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं।

bhopal / Madhya_Pradesh      Dec 11 ,2016 15:23