रवीन्द्र भवन में आज से 14 अक्टूबर 2021 तक श्री रामलीला उत्सव / Madhya_Pradesh

रवीन्द्र भवन में आज से 14 अक्टूबर 2021 तक श्री रामलीला उत्सव

www.lionnews.in

भोपाल। मध्यप्रदेश संस्कृति संचालनालय की ओर से रवीन्द्र भवन के मुक्ताकाश मंच पर 10 से 14 अक्टूबर 2021 तक श्री रामलीला उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। पांच दिवसीय रामलीला उत्सव में लीला मण्डल-रंगरेज कला संस्कार उज्जैन के कलाकारों द्वारा प्रतिदिन सायं 6.30 बजे से रामकथा के विभिन्न प्रसंगो की प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जिसमें पहले दिन 10 अक्टूबर को शिव पार्वती संवाद, श्रीरामजन्म का प्रयोजन, रावण का विश्व विजय अभियान, श्रीराम जन्म, ताड़का एवं सुबाहु वध, अहिल्या एवं वाटिका प्रसंग, धनुष यज्ञ-परशुराम संवाद प्रसंग की प्रस्तुति होगी। दूसरे दिन 11 अक्टूबर को श्रीराम राज्याभिषेक की घोषणा, कैकयी-मंथरा संवाद, श्रीराम वनगमन, केवट प्रसंग, दशरथ का देह त्याग, भरत मिलाप, सीता हरण प्रसंगों की प्रस्तुति दी जाएगी। तीसरे दिन 12 अक्टूबर को सुग्रीव मैत्री, बालि वध, लंका दहन सेतु बंध, रावण-अंगद संवाद, कुंभकरण-मेघनाथ वध, रावण वध, श्रीराम राज्याभिषेक प्रसंग मंचित किये जाएंगे। उत्सव के चौथे दिन संस्कृति विभाग द्वारा आरण्यक निवासियों और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के प्रति भक्ति भावना के सम्बन्ध को लोकव्याप्ति प्रदान करने के उद्देश्य वनवासी लीलाएँ तैयार कराई गयी हैं। इन लीलाओं की विशिष्टता यह है कि इनके अभिनय से सम्बद्ध कलाकार प्रदेश के अलग-अलग जनजातीय समुदाय से हैं। जिसमें 13 अक्टूबर को गुरू प्रसन्नदास, सतना के निर्देशन में वनवासी लीला-निषादराज गुह्य एवं 14 अक्टूबर को गुरू निर्मलदास उड़ीसा के निर्देशन में वनवासी लीला-भक्तिमति शबरी की प्रस्तुति दी जाएगी। इन दोनों ही प्रस्तुति का आलेख योगेश त्रिपाठी द्वारा लिखा गया है। उत्सव के अवसर पर वनवासी लीला नाट्य आलेख की कथा आधारित 50 चित्रों की प्रदर्शनी संयोजित की जायेगी, जिसमें दर्शक इन लीला प्रसंगों को विस्तार से देख सकेंगे। प्रदर्शनी में लीला नाट्य भक्तिमति शबरी को आंध्रप्रदेश की चेरियालपटम् शैली में तथा निषादराज गुह्य को राजस्थान की नाथद्वारा शैली में देखी जा सकेगी।

/ Madhya_Pradesh      Oct 09 ,2021 14:36